छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्र्य अधिनियम-2026 लागू; अवैध धर्मांतरण पर कार्रवाई के नियम भी हुए प्रभावी, राजपत्र में नियमों की अधिसूचना जारी
शिकायत से लेकर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया हुई स्पष्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य अधिनियम-2026 अब पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है। अधिनियम से संबंधित नियमों की अधिसूचना 4 अगस्त 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही कानून लागू हो गया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने विस्तृत नियमावली भी जारी कर दी है, जिससे शिकायत, जांच और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि नियमों के राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद यह कानून पूरे राज्य में लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और अवैध धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
सरकार के अनुसार नई नियमावली में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की रूपरेखा, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां और आवश्यक कानूनी प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है। इससे कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और मामलों के त्वरित निस्तारण में भी सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार ने कहा कि यह अधिनियम संविधान के प्रावधानों के अनुरूप लागू किया गया है। इसका उद्देश्य बल, प्रलोभन, कपट या अनुचित प्रभाव के माध्यम से किए जाने वाले अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमावली के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें और कानून का प्रभावी पालन कराएं।